रायपुर. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के रेडियो कार्यक्रम लोकवाणी का रविवार सुबह प्रसारण हुआ। आकाशवाणी के रायपुर केंद्र से प्रसारित इस कार्यक्रम की 7वीं कड़ी में सीएम ने परीक्षा प्रबंधन और युवा करियर के आयाम विषय पर विद्यार्थियों से बात की। मुख्यमंत्री ने बच्चों से कहा कि समय का पूरा सदुपयोग करें। परीक्षा के समय खाना-पीना सादा रखें, हल्का व्यायाम करें। मोबाइल, टीवी आदि से दूर रहें, जिससे आंखों को आराम मिले और दिमाग भी शांत रहे।
सीएम ने कहा कि कि आप अपना पूरा प्रयास करें अधिक अंक मिले तो अच्छा है और न मिले तो भी अच्छा है। इससे कुछ बनता बिगड़ता नहीं है। बिना उच्चतम अंक पाए बहुत से लोग अपने बेहतर कार्यों के दम पर शिखर पर पहुंचे हैं। उन्होंने अभिभावकों से कहा कि वे परीक्षा की तैयारी में अपने बच्चों के सहयोगी बने। परीक्षा में उच्च अंक लाने का उन पर दबाव न डालें।
परीक्षा के समय बन जाएं टी-20 के खिलाड़ी
सीएम बघेल ने बच्चों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि जो रखते हैं उड़ने का शौक, उन्हें नहीं होता गिरने का खौफ...। जब तक आप डर के बारे में सोच-सोचकर डरते रहेंगे, तब तक मन से डर को बाहर निकाल फेंकने का प्रयास शुरू ही नहीं कर पाएंगे। सवाल सिर्फ पढ़ाई के डर का नहीं है, बल्कि स्वभाव का है कि आप हिम्मत वाले, साहसी, निडर कहलाना चाहते हैं या डरपोक। निश्चित तौर पर आप सब साहसी कहलाना पसंद करेंगे। तथ्य और तर्क के साथ विचार करने की आदत डालना जरूरी है।
परीक्षा के समय बिलकुल टी-20 मैच के प्लेयर की तरह व्यवहार कीजिए। जो समय बीत गया, उसके बारे में मत सोचिए। सिर्फ ये सोचिए कि अभी जो समय आप के हाथ में है उसका पूरा सदुपयोग कैसे करेंगे। मैं सिर्फ एक बात कहता हूं कि तुम अपने माता-पिता की बात मान कर पढ़ाई करते रहो। डरो मत, जिंदगी से लड़ो और जीतो।
मोबाइल, सोशल मीडिया का उपयोग अपनी कार्यक्षमता बढ़ाने में करें
इस कार्यक्रम में कुछ बच्चों ने मुख्यमंत्री से सवाल भी किए। बच्चों ने पूछा कि मोबाइल से ध्यान हटाने और सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव से बचने के लिए वह क्या कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई टेक्नालॉजी का उपयोग जब हम अपनी सुविधा के लिए करते हैं तो उससे हमारी कार्यक्षमता बढ़ती है।
लेकिन, यदि इस सुविधा का ज्यादा उपयोग सिर्फ मनोरंजन में होने लगता है और इससे समय खराब होता है तो दृढ़ निश्चय करके इसके उपयोग पर अंकुश लगाना चाहिए। निश्चित तौर पर परीक्षा के समय यदि जरूरी हो तो ही मोबाइल, इंटरनेट आदि का उपयोग करें अथवा बिल्कुल न करें। अपना पूरा समय पढ़ाई के लिए देना तय करेंगे, तो सब ठीक हो जाएगा।